
दही एक दुग्ध पदार्थ होता है जो दूध को जमाकर बनाया जाता है। स्वाद अच्छा होने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं।
दही पोषक पदार्थों से भरपूर होता है। इसमें अत्यधिक मात्रा में कैल्शियम होता है और यह शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को भी बढ़ाता है। इसलिए कैल्शियम की कमी के मरीजों के लिए दही का सेवन काफी लाभकारी होता है।
साथ ही दही में आसानी से पचने वाला प्रोटीन भी पाया जाता है। इसमें में पाए जाने वाले अन्य पोषक पदार्थ निम्न हैं – राइबोफ्लेविन, बी विटामिन्स, फोलिक एसिड, लैक्टिक एसिड, पोटैशियम, फॉस्फोरस, आयोडीन और जिंक
1. पाचन को बढ़ाता है
दही एक आसानी पचने वाला खाद्य पदार्थ होता है। साथ ही इसमें मौजूद गुड बैक्टीरिया या प्रोबायोटिक्स, भोजन को आसानी से पचाने में मदद करते हैं और शरीर में नियमितता को बढ़ावा देते हैं। पेट सम्बन्धी बिमारियों जैसे कब्ज, दस्त (डायरिया) और पेट दर्द में दही अत्यधिक फायदेमंद होता है।
अपने पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए रोज लगभग एक कप कम वसा वाले दही का सेवन करें।
2. रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को बढ़ाता है
कुछ शोधों के अनुसार, लगातार तीन महीनों तक रोज एक से दो कप प्रोबायोटिक दही का सेवन करने वाले लोगों में इम्युनिटी बूस्टिंग सेल्स का लेवल अन्य लोगों से अधिक होता है।
दही में मौजूद गुड बैक्टीरिया शरीर की आंतों को मजबूत बनाता है, पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है और और पाचन तंत्र को ठीक करता है। इन सभी कारणों से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
अपनी इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए रोज प्रोबायोटिक दही का सेवन करें।
3. वजन घटाने में मदद करता है
दही आपकी वजन कम करने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद कर सकता है। प्रोबायोटिक दही में मौजूद गुड बैक्टीरिया, शरीर के मेटाबोलिज्म और पाचन को बढ़ाते हैं। इससे शरीर को उचित मात्रा में जरुरी पोषक तत्व मिल जाते हैं और हमें बार-बार भूख नहीं लगती।
साथ ही, दही में मौजूद अत्यधिक कैल्शियम, शरीर में फैट सेल्स को कम कोर्टिसोल निकालने देता जिससे आपकी वजन कम करने की प्रक्रिया सरल हो जाती है। इसके आलावा दही में एमिनो एसिड्स भी होती हैं जो अतिरिक्त वसा को जलाने में मदद करती हैं।
इसलिए मोटापा कम करने के लिए रोज दही का सेवन करें।
4. योनि में यीस्ट संक्रमण (Vaginal Yeast Infections) को ठीक करता है
जिन महिलायों को मधुमेह होता है उन्हें योनी में यीस्ट का संक्रमक होने की सम्भावना काफी अधिक होती है। दही एक प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ होता है जिसमें लेक्टोबेसिल्लुस एसिडोफिलस (Lactobacillus acidophilus) पाए जाते हैं जो यीस्ट को मारकर संक्रमण को खत्म कर देते हैं। साथ ही यह योनी के अन्दर pH बैलेंस को ठीक कर देता है जिससे फिरसे यीस्ट इन्फेक्शन होने की सम्भावना कम हो जाती है।
योनी में यीस्ट इन्फेक्शन होने की सम्भावना को कम करने के रोज 250 gm दही को बिना चीनी के सेवन करें। यदि आपको यीस्ट इन्फेक्शन है तो एक tampon में थोड़ा सा दही लगाकर योगी में दो घंटे के लिए डाले रखें। यह प्रक्रिया कुछ हफ्तों तक रोज करें।
5. उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) को रोकता है
उच्च रक्तचाप होने का सबसे बड़ा कारण होता है नमक का अत्यधिक सेवन। दही में मौजूद पोटैशियम शरीर के अतिरिक्त सोडियम को सोखकर बाहर निकाल देता है।
2012 में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में हुई एक रिसर्च के अनुसार जो लोग रोज कम वसा वाले दही का सेवन करते हैं उनमें अन्य लोगों की तुलना में उच्च रक्तचाप होने की 31 प्रतिशत कम सम्भावना होती है।
high
Comments